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    भाजपा छोड़कर अन्नामलाई ने बनाई नई पार्टी, कहा- शुरू होगा आंदोलन

    चेन्नई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद एक बड़े राजनैतिक बदलाव का एलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह एक नए राजनैतिक आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं, जो आगे चलकर एक नई राजनैतिक पार्टी का रूप लेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) के जरिए जनता को संबोधित करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि आज से उनके जीवन में एक नया रास्ता, एक नया आंदोलन और एक नई राजनैतिक यात्रा शुरू हो रही है।

    नई पार्टी बनाकर लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

    अन्नामलाई ने साफ किया कि उनके राजनैतिक लक्ष्य अब पहले से कहीं ज्यादा बड़े हो गए हैं और उन्हें अधिक से अधिक लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने इस बात की भी घोषणा की कि उनकी यह नई राजनैतिक पार्टी आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पूरी मजबूती के साथ हिस्सा लेगी। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को 2 जून को भेजे अपने इस्तीफे के पत्र में अन्नामलाई ने लिखा था कि वह तमिलनाडु में विकास और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित राजनीति के अपने दृष्टिकोण को लेकर केंद्रीय पार्टी नेतृत्व पर और अधिक बोझ नहीं डालना चाहते।

    भाजपा छोड़ने की क्या थी वजह?

    अपने इस बड़े फैसले को लेकर अन्नामलाई ने कहा कि यह निर्णय उन्होंने पूरी गरिमा और सम्मान के साथ लिया है ताकि तमिलनाडु में एक नई और साफ-सुथरी राजनीति की शुरुआत की जा सके। उन्होंने अपनी आंतरिक कशमकश को साझा करते हुए कहा, "मेरे सामने हमेशा यह द्वंद्व (असमंजस) रहता था कि मैं पहले भाजपा का कार्यकर्ता हूं या तमिलनाडु का बेटा। आखिरकार मैंने तमिलनाडु के हित में अपने खुद के रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला किया।" अन्नामलाई ने यह भी बताया कि उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को ही पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफे की इच्छा जता दी थी, लेकिन उनसे चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक रुकने का आग्रह किया गया था।

    तमिलनाडु के मुद्दों पर नहीं किया कोई समझौता

    अन्नामलाई ने दावा किया कि भाजपा में रहते हुए भी उन्होंने हमेशा राज्य के हितों को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कभी भी तमिलनाडु की विशिष्ट पहचान, समृद्ध संस्कृति और राज्य के जल अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया। अब वह इसी सांस्कृतिक और क्षेत्रीय गौरव को आधार बनाकर अपने नए आंदोलन के जरिए जनता के बीच जाएंगे।

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