भीलवाड़ा | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार वंचितों, अन्नदाताओं, युवाओं और नारी शक्ति के सर्वांगीण उत्थान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्ष 2014 के पश्चात देश के भीतर प्रगति और सुशासन के एक नए युग का सूत्रपात हुआ है, जिसका सीधा फायदा ग्रामीण अंचलों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और महिलाओं को प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री शुक्रवार रात्रि को भीलवाड़ा जिले के खारी का लाम्बा ग्राम में आयोजित एक विशेष चौपाल को संबोधित कर रहे थे।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार के बड़े कदम
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान सरकार महिला उत्थान को अपनी प्राथमिक सूची में सबसे ऊपर रख रही है। छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए अब स्कूटी योजना का लाभ सीधे बैंक खातों के माध्यम से वित्तीय रूप से प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मा-वाउचर योजना के जरिए निशुल्क सोनोग्राफी की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत प्रति लीटर 5 रुपये का विशेष अनुदान दिया जा रहा है, जिससे हजारों दुग्ध उत्पादक महिलाएं सीधे तौर पर लाभान्वित हो रही हैं।
लखपति दीदी योजना में ऋण सीमा में वृद्धि और वित्तीय पैकेज
नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लखपति दीदी योजना के तहत मिलने वाली ऋण की सीमा को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि ब्याज की दर को घटाकर महज 1.5 प्रतिशत किया गया है। चौपाल के दौरान विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को करोड़ों रुपये की सहायता राशि और स्वीकृतियां प्रदान की गईं। इसके अंतर्गत राजीविका महिला स्वयं सहायता समूहों को 1 करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक का कोष सौंपा गया, जबकि उमंग सीएलएफ को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई। साथ ही, कृषक सहकारी दुर्घटना योजना के अधीन प्रभावितों को 10 लाख रुपये के चेक सौंपे गए।
सफलता की गाथाएं और अंतिम छोर तक लाभ का संकल्प
इस चौपाल का मुख्य आकर्षण स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं द्वारा मंच से साझा की गई उनकी सफलता की कहानियां रहीं। महिलाओं ने अपनी जुबानी बताया कि कैसे इन योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आया है और वे समाज में आत्मनिर्भरता का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरी हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि शासकीय नीतियों का मूल ध्येय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना है।


