More
    Homeराजस्थानजयपुरआशीष हत्याकांड में फांसी की मांग तेज

    आशीष हत्याकांड में फांसी की मांग तेज

    जयपुर|रावला थाना क्षेत्र के गांव 01 केएलएम में 30 जनवरी की रात हुए आशीष हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 27 वर्षीय आशीष की हत्या उसकी पत्नी अंजू ने अपने प्रेमी संजू और उसके दो साथियों के साथ मिलकर की थी। अंजू ने इस वारदात को लूट का रूप देने की कोशिश की लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल कॉल डिटेल्स से साजिश का पर्दाफाश हो गया। हत्या के छह दिन बाद भी आशीष के घर मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोग सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। आशीष की मां आज भी बेटे के लौटने की आस लगाए बेसुध हालत में हैं।

    परिजनों ने दोषियों को फांसी की मांग की

    अंजू के चाचा रवि कुमार ने इस घटना को परिवार के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि अंजू ने जो किया है, उससे पूरा परिवार लज्जित है। उन्होंने प्रशासन से अंजू और अन्य आरोपियों को फांसी या उम्रकैद की सजा देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अंजू के परिवार को आशीष के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना है।

    प्रेमी के साथ रहने के लिए रची साजिश

    पुलिस जांच और परिजनों के अनुसार अंजू अपने प्रेमी संजू के साथ रहने के लिए इस साजिश को अंजाम दे रही थी। घटना की रात अंजू ने आशीष को घूमने के बहाने घर से बाहर ले जाकर झाड़ियों में छिपे प्रेमी संजू और उसके दोस्तों को इशारा किया। इसके बाद आरोपियों ने डंडों से हमला किया और मफलर से गला घोंटकर आशीष की हत्या कर दी। हत्या के बाद अंजू ने आशीष का मोबाइल फोन और अपने कानों के झुमके आरोपियों को देकर फरार करवा दिया, ताकि मामला लूट का लगे।एक इशारा और पति का कत्ल: राजस्थान में इंदौर के सोनम-राजा जैसा खौफनाक खेल; पत्नी ने प्रेमी के हाथों मरवा दिया आशीष के पिता रामरख ने बताया कि हत्या के बाद अंजू ने बेहोशी का नाटक किया। होश में आने पर उसने पुलिस को बताया कि कार सवार युवकों ने लूट के इरादे से हमला किया। हालांकि जांच में यह कहानी झूठी साबित हुई।

    पढ़ाई कर रहा था आशीष

    आशीष के चचेरे भाई अंकित ने बताया कि आशीष ने जूलॉजी से एमएससी की थी और वर्तमान में गंगानगर कॉलेज से बीएड प्रथम वर्ष का छात्र था। वह शांत स्वभाव का युवक था और रोज शाम को खाना खाने के बाद घूमने जाया करता था।

    शादी के बाद बन रही थी ‘संस्कारी बहू’

    परिजनों के अनुसार आशीष और अंजू की शादी 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी। शादी के बाद करीब तीन महीने तक अंजू का व्यवहार सबके प्रति अच्छा रहा। संयुक्त परिवार में वह एक संस्कारी बहू की तरह रहती थी, जिससे किसी को भी उसके इरादों का आभास नहीं हुआ। आशीष के चाचा रामचंद्र ने बताया कि उन्होंने चार साल पहले परिवार की सहमति से आशीष को गोद लिया था। बेटे की तरह पाले गए आशीष की हत्या से पूरा परिवार टूट चुका है।27 वर्षीय बेटे की उसी की पत्नी के हाथों हत्या होने से आशीष की मां गहरे सदमे में हैं। छह दिन बीत जाने के बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं है। जिस घर में कुछ दिन पहले तक चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here