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    रायगढ़ कलेक्ट्रेट में खुली फर्जी नौकरी की पोल, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

    कलेक्टोरेट में नौकरी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी: फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाला आरोपी जशपुर से गिरफ्तार

    रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले एक शातिर अपराधी को पुलिस ने दबोच लिया है। सारंगढ़ कलेक्टोरेट में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर संविदा नियुक्ति का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी हरीश मिश्रा को पुलिस ने जशपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पीड़िता को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर करीब 3.38 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।

    ऐसे बुना ठगी का जाल

    पुलिस के अनुसार, कोतरा निवासी कुमारी पद्मिनी यादव (27 वर्ष) ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पहचान हरीश मिश्रा नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने सारंगढ़ कलेक्टोरेट में अच्छी पहुंच होने का दावा किया और कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।

    • लेन-देन: 9 फरवरी से 22 मार्च के बीच आरोपी ने पीड़िता से नकद और ऑनलाइन (Phone-Pe) के माध्यम से कुल 3,38,500 रुपये लिए।

    • फर्जी दस्तावेज: जब नियुक्ति में देरी होने लगी, तो आरोपी ने 'कॉल मी सर्विसेज' नामक संस्था का एक नियुक्ति पत्र पीड़िता को दिया।

    • खुलासा: जब पीड़िता उक्त पत्र लेकर रायगढ़ कलेक्टोरेट पहुंची, तो जांच में पता चला कि वह दस्तावेज पूरी तरह फर्जी था। इसके बाद 3 अप्रैल को कोतरारोड़ थाने में मामला दर्ज कराया गया।


    जशपुर में घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी

    मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की और जशपुर में छिपे होने की पुष्टि होते ही टीम रवाना की। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने साइबर कैफे में फर्जी लेटरहेड का उपयोग कर नियुक्ति पत्र तैयार किया था और ठगी की अधिकांश राशि खर्च कर चुका है।

    पूर्व में सरकारी विभाग में दे चुका है सेवाएं

    जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी हरीश मिश्रा पहले रायगढ़ के श्रम विभाग में भृत्य (Peon) के पद पर कार्यरत रह चुका है। विभाग में काम करने के दौरान भी उसके व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर शिकायतें आती रही थीं।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य युवाओं को भी अपना शिकार बनाया है।

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