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    मध्य प्रदेश में फर्जी मैरिज ब्यूरो का खतरनाक खेल, 1500 लोगों से ठगी, फेक फोटो से बनाते थे जोड़ी

    ग्वालियर: साइबर टीम और क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर में संचालित 2 फर्जी मैट्रिमोनी कॉल सेंटर का खुलासा किया है. इस मामले में 2 महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया है. ये कॉल सेंटर शादी कराने के नाम पर ऑनलाइन वेबसाइट के जरिये लोगों को मेम्बरशिप के नाम पर ठगने का काम करते थे.

    क्राइम ब्रांच को मौके पर मिली कई युवतियां

    ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव ने बताया, "ये कॉल सेंटर्स शहर के द्वारिकाधीश मंदिर और थाटीपुर क्षेत्र में संचालित हो रहे थे. इसकी जानकारी मिलने पर क्राइम ब्रांच की टीम ने छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया. जब इन कॉल सेंटरों पर दबिश दी गई तो वहां मौके पर 20 से अधिक युवतियां काम करती मिली. ऐसे में इन दोनों कॉल सेंटर की प्रबंधक राखी गौड़ और शीतल चौहान को गिरफ्तार किया गया है.

    धोखाधड़ी का पूरा था इंतजाम

    इस कार्रवाई में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर्स से 45 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, 2 कंप्यूटर, कई सिम कार्ड, बैंक पास बुक, चेक बुक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद किए गए हैं. जिनके जरिए फर्जीवाड़े का पूरा खेल चलाया जा रहा था.

    इस तरह करते थे लोगों से ठगी

    एसपी से मिली जानकारी के अनुसार, "ग्वालियर से mypartenerindia.com और uniquerishtey.com नाम से ऑनलाइन मैट्रिमोनी वेबसाइट के जरिए ठगी का खेल किया जा रहा था. इन वेबसाइट के जरिए ठग शादी कराने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे. इसके लिए गूगल से अलग अलग लड़कियों के फोटो डाउनलोड कर शादी के लिए अपनी वेबसाइट पर डालते थे. इन फोटोज को देखने के बाद लोग शादी के लिए इंक्वायरी करते थे. जिन्हें मेंबर बनाया जाता था, जिसके लिए मोटी फीस वसूली जाती थी."

    इनकम के हिसाब से ग्राहक की मेम्बरशिप

    ग्राहकों से फीस भी अपने जाल में फंसा कर ऐंठी जाती थी. इसके लिए शुरुआत में ही ग्राहक का नाम, उम्र, कास्ट और इनकम के बारे में जानकारी ली जाती थी. इसके बाद में उस हिसाब से मैच कर उसे युवती के फोटो भेजे जाते और जब वह किसी युवती को पसंद करता तो उसकी आय के अनुसार फीस बताकर मेम्बरशिप लेने को कहा जाता. जब ग्राहक मेम्बरशिप ले लेता तो उसे एक मोबाइल नंबर भेज दिया जाता और फिर कॉल सेंटर में काम करने वाली किसी युवती को ग्राहक द्वारा पसंद की गई लड़की बनाकर फोन पर बात करा दी जाती. इसके बाद अलग अलग तरह की सर्विस के नाम पर ग्राहक की जेब खाली करायी जाती थी.

    5 हजार रुपए महीना पर काम करती थी युवतियां

    एसपी की माने तो ग्वालियर के इन कॉल सेंटर ठगों ने देश भर से 1500 लोगों को अपना शिकार बनाया है. इन दोनों ही कॉल सेंटर में हर महीने की कमाई 2.50 से 3 लाख रुपये होती थी, जिसमें वहां काम करने वाली युवतियों को 5 हजार रुपए महीने पर रखा गया था. जो लड़कियां अपने टारगेट से ज्यादा कमाई कराने में सफल होती थी. उसे अलग से इंसेंटिव भी मिलता था.

     

     

      मास्टर माइंड अब भी पहुंच से दूर

      एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना है, "आरोपियों से कॉल सेंटरों में मिले बैंक खातों में लेनदेन की जानकारी अभी जुटाई जा रही है. साथ ही कॉल सेंटर में काम कर रही अन्य महिलाओं की भूमिका के बारे में पूछताछ की जा रही है. हालांकि, इन कॉल सेंटरों का मास्टरमाइंड तिलेश्वर पटेल नामक शख्स है, जो फरार चल रहा है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है."

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