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    किसानों के लिए खुशखबरी! ब्याज मुक्त ऋण समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार (23 जून 2026) को मंत्रालय में राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के किसानों, विद्यार्थियों, बेटियों और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक व दूरगामी फैसले लिए गए। सरकार ने जहां जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य को मिली राष्ट्रीय उपलब्धियों की सराहना की, वहीं बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी करोड़ों रुपये की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को विस्तार देने की मंजूरी प्रदान की।

    जीरो प्रतिशत ब्याज पर लोन के नियम बदले; किसानों को बड़ी राहत

    कैबिनेट के फैसलों की आधिकारिक जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 को 'किसान वर्ष' के रूप में मनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसी कड़ी में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिए जाने वाले कृषि ऋण (लोन) के नियमों में बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया गया है:

    • खत्म हुई 31 मार्च की बाध्यता: पहले किसानों को रबी और खरीफ फसलों के लिए लोन चुकाने की एक तय आखिरी तारीख (31 मार्च) की बाध्यता होती थी। अब इस नियम को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

    • अब पूरे सालभर की मियाद: नए नियम के तहत किसान जिस तारीख को बैंक से लोन उठाएगा, उसे चुकाने के लिए पूरे एक साल (365 दिन) का समय मिलेगा।

    • ₹25,000 करोड़ का लक्ष्य: मध्य प्रदेश में हर साल करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जाता है। नियमों के इस सरलीकरण से रबी और खरीफ लोन की बैंकिंग व्यवस्था और सुव्यवस्थित होगी। इस नई व्यवस्था से प्रदेश के सरकारी खजाने पर करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, जिसे सरकार वहन करेगी।

    इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोलकाता से सिंगल क्लिक के जरिए जारी की गई किसान सम्मान निधि के तहत मध्य प्रदेश के 81 लाख किसानों के खातों में सीधे 2400 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर होने पर कैबिनेट ने आभार जताया।

    मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अगले 5 साल के लिए मंजूर; ₹5,365 करोड़ की योजनाएं पास

    कैबिनेट ने प्रदेश में कुल 5,365 करोड़ रुपये की विभिन्न पुरानी और नई सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता (जारी रखने) को अपनी हरी झंडी दे दी है। इसमें सबसे प्रमुख रूप से गरीब बेटियों के हाथ पीले करने वाली 'मुख्यमंत्री कन्यादान योजना' को अगले 5 वर्षों तक लगातार जारी रखने की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

    • इस योजना के सुचारू संचालन के लिए कैबिनेट ने 1,740 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है।

    • योजना के तहत प्रत्येक पात्र बेटी के विवाह पर दी जाने वाली 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि पहले की तरह ही आगे भी जारी रहेगी।

    • इसके साथ ही, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए 'खाद्यान्न आपूर्ति परिवहन व्यय योजना' हेतु 3,580 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है।

    शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प: खुलेंगे नए स्कूल, 635 करोड़ रुपये स्वीकृत

    प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अगले तीन वर्षों के भीतर 100 प्रतिशत शत-प्रतिशत बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए:

    • कुल 315 मिडिल स्कूलों को अपग्रेड करके हाई स्कूल (कक्षा 10वीं तक) में उन्नत किया जाएगा।

    • इसके अलावा, 214 नए हायर सेकेंडरी स्कूल (कक्षा 12वीं तक) विकसित किए जाएंगे।

    • इस पूरे शैक्षणिक ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए कैबिनेट ने 635 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।

    इसके साथ ही, नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों और संस्कृति से जोड़ने के लिए राज्य सरकार 15 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में भव्य स्तर पर 'गुरु पूर्णिमा उत्सव' मनाएगी। इसके तहत सभी स्कूलों में गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होंगी, जिनकी कमान जिलों के प्रभारी मंत्रियों के हाथों में होगी। वहीं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर 23 जून से अगले 15 दिनों तक प्रदेशभर में 'स्मृति पखवाड़ा' मनाया जाएगा।

    जल गंगा अभियान में मध्य प्रदेश ने देश में गाड़े झंडे, मिला तीसरा स्थान

    कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि देशव्यापी 'जल गंगा अभियान' के तहत जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार के मामले में मध्य प्रदेश को देश भर में तीसरा स्थान (थर्ड रैंक) हासिल हुआ है, जो पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। देश के शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में मध्य प्रदेश के डिंडोरी, खंडवा और शहडोल ने अपनी जगह बनाई है। वहीं, देश के टॉप 10 नगरीय निकायों में खंडवा और इंदौर नगर निगम ने बाजी मारी है।

    अभियान की इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने तय किया है कि आगामी 25 से 30 जून तक प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में बड़े स्तर पर विशेष सभाएं और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान गांवों की पारंपरिक बावड़ियों, कुओं, हैंडपंपों और अन्य जल संरचनाओं की मरम्मत व विकास से जुड़े शेष बचे हुए सभी कार्यों को हर हाल में 30 जून तक पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

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