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    दिल दहला देने वाली वारदात, 8 साल की बच्ची की पीट-पीटकर हत्या का आरोप

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के अंतर्गत आने वाले पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में आठ साल की अबोध बच्ची अलीना की दर्दनाक हत्या का एक बेहद हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मासूम की जान किसी धारदार हथियार से नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई बर्बर पिटाई के कारण गई है। मृतका के पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय परीक्षण में उसके सिर से लेकर पैर तक शरीर के विभिन्न हिस्सों पर १० से अधिक गहरे और गंभीर अंदरूनी जख्मों के निशान पाए गए हैं। इस जघन्य कृत्य को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मृतका के पड़ोस में रहने वाले मुख्य संदेही युवक आमीन खान को अपनी कस्टडी में ले लिया है और उससे घटनाक्रम को लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।

    गुल्लक से चंद रुपये निकालने पर भड़का पड़ोसी का गुस्सा और कमरे में बंद कर की बेदम पिटाई

    प्रारंभिक पुलिस तफ्तीश और स्थानीय चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद शुक्रवार की शाम को उस वक्त शुरू हुआ जब अलीना खेलते-खेलते पड़ोस में रहने वाले आमीन खान के एकांत घर के भीतर दाखिल हो गई थी। आरोप है कि वहां रखी एक गुल्लक से मासूम ने कौतूहलवश कुछ रुपये निकाल लिए थे, जिसके बाद एक राहगीर ने बच्ची को उस घर के मुख्य द्वार के समीप देखा था। कुछ देर बाद जब परिजनों और आमीन ने बच्ची की खोजबीन की, तो वह पास की ही एक किराना दुकान पर शीतल पेय (कोल्ड ड्रिंक) पीती हुई पाई गई। जब उससे रुपयों के संबंध में पूछा गया तो मासूम ने बिना किसी डर के पैसे लेने की बात स्वीकार कर ली और चुराए गए रुपये भी तत्परता से वापस मिल गए।

    रुपये वापस मिलने के बाद भी नहीं शांत हुआ आक्रोश और रात भर तड़पने के बाद बिस्तर पर दम तोड़ा

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चोरी गए रुपये पूरी तरह वापस मिल जाने के बाद भी आरोपी आमीन खान का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह बदले की भावना से सुलगता रहा। आरोप है कि वह जबरन अलीना को अपने साथ एक एकांत कमरे में ले गया और दरवाजा अंदर से बंद कर उस पर लात-घूंसों व डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रताड़ना इतनी भयानक थी कि जब वह बच्ची को उसके घर वापस छोड़ने आया, तो मासूम अलीना के पैर कांप रहे थे और वह सीधे खड़े होने की स्थिति में भी नहीं थी। दुर्भाग्यवश, पीड़ित परिवार के सदस्य उसकी शारीरिक स्थिति और अंदरूनी तकलीफ की गंभीरता को समय रहते भांप नहीं पाए और रात भर असहनीय शारीरिक दर्द से बिस्तर पर तड़पने के बाद अंततः शुक्रवार की काली रात को अलीना ने दम तोड़ दिया।

    शुरुआती दौर में गुमराह करने की कोशिश नाकाम और फॉरेंसिक साक्ष्यों से खुला हत्या का राज

    इस बेहद संवेदनशील मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया और डॉक्टरों के एक विशेष पैनल के जरिए शव का पोस्टमार्टम संपन्न कराया। चिकित्सकीय रिपोर्ट में यह प्रामाणिक रूप से साफ हो गया कि अत्यधिक बेरहमी से की गई मारपीट के चलते बच्ची के शरीर के भीतर भारी रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) हुआ था, जिससे उसके आंतरिक नाजुक अंगों ने काम करना पूरी तरह बंद कर दिया और यही उसकी अकाल मृत्यु का मुख्य कारण बना। हालांकि, शुरुआत में कुछ स्थानीय तत्वों ने आरोपी को बचाने के उद्देश्य से पुलिस को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की थी कि आमीन ने केवल बच्ची को डराया-धमकाया था, परंतु घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने झूठ का पर्दाफाश कर दिया। पुरानी छावनी थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ हत्या का संगीन मुकदमा दर्ज कर विधिक दंडात्मक कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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