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    100% प्योर पेट्रोल चाहिए तो जेब होगी ढीली, E20 विवाद पर गडकरी की दो टूक

    नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन चालकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो लोग अपनी गाड़ियों में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, उनके लिए शुद्ध पेट्रोल का विकल्प मौजूद रहेगा। हालांकि, इस 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल को खरीदने के लिए वाहन मालिकों को सामान्य से अधिक कीमत चुकानी होगी। सरकार का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब देश के वाहन चालकों के बीच इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर लगातार असमंजस और चिंताएं बनी हुई हैं। कई गाड़ी मालिकों ने इंजन की कार्यक्षमता, माइलेज और पुरानी गाड़ियों पर इसके पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठाए थे, जिस पर अब सरकार की तरफ से स्थिति साफ कर दी गई है।

    इथेनॉल नीति पर सरकार का बड़ा फैसला

    देश में पर्यावरण अनुकूल और सस्ते ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार तेजी से इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम पर काम कर रही है। इसके तहत पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की नीति को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। हालांकि, सरकार के इस कदम से उन वाहन मालिकों में चिंता देखी जा रही है जो अपनी गाड़ियों के इंजन की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि सरकार किसी पर भी इथेनॉल मिश्रित ईंधन थोप नहीं रही है। जिन लोगों को इस ईंधन से समस्या है या जिनकी गाड़ियां इसके अनुकूल नहीं हैं, वे बिना मिलावट वाला पेट्रोल चुन सकते हैं, बशर्ते वे इसके लिए अतिरिक्त कीमत देने को तैयार हों।

    ईंधन के परफॉर्मेंस और माइलेज पर उठते सवाल

    वाहन चालकों के बीच सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन के परफॉर्मेंस पर क्या असर पड़ेगा। खासकर पुरानी गाड़ियों के मालिकों को डर है कि इथेनॉल इंजन के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, कई रिपोर्ट्स और दावों में यह भी कहा गया है कि अधिक इथेनॉल वाले पेट्रोल से गाड़ी का माइलेज थोड़ा कम हो जाता है। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए शुद्ध पेट्रोल का विकल्प खुला रखने का निर्णय लिया गया है ताकि लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार ईंधन का चुनाव कर सकें।

    देशभर में E20 ईंधन का बढ़ता दायरा

    जब केंद्रीय मंत्री से यह सवाल पूछा गया कि क्या पेट्रोल पंपों पर E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन के साथ-साथ पहले की तरह E10 ईंधन का विकल्प भी मिलता रहेगा, तो उन्होंने देश की प्रगति का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि भारत ने तय समय से पहले ही पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने का अपना बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है। देश के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर अब E20 ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। ऐसे में पुराने स्तर के ईंधन को समानांतर रूप से हर जगह उपलब्ध कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

    शुद्ध ईंधन के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

    सरकार के इस रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि देश का मुख्य ईंधन ढांचा अब E20 की तरफ पूरी तरह शिफ्ट हो चुका है। ऐसे में जो भी उपभोक्ता पारंपरिक और बिना किसी मिलावट वाले शुद्ध ईंधन का उपयोग करना चाहते हैं, उन्हें इसे एक प्रीमियम विकल्प के रूप में देखना होगा। चूंकि शुद्ध पेट्रोल के आयात और वितरण की प्रक्रिया अलग होगी, इसलिए इसकी बाजार दरें सामान्य इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की तुलना में काफी अधिक होंगी। अब यह पूरी तरह से उपभोक्ताओं पर निर्भर करता है कि वे किफायती E20 ईंधन अपनाते हैं या फिर अतिरिक्त खर्च कर शुद्ध पेट्रोल का इस्तेमाल जारी रखते हैं।

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