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    घर में चल रहा था अवैध पटाखा कारखाना, ब्लास्ट में 3 की जान गई

    जयपुर। राजस्थान की राजधानी के खो नागोरियान इलाके में मंगलवार की दोपहर एक रिहायशी मकान के भीतर अवैध रूप से चल रहे पटाखा कारखाने में भीषण आग और जोरदार धमाके होने से कम से कम तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस अचानक हुए भयानक विस्फोट से पूरे मोहल्ले में भगदड़ और दहशत का माहौल बन गया, जिसके तुरंत बाद जिला प्रशासन ने मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    रिहायशी मकान में बारूद फटने से दहल उठा पूरा इलाका

    शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, जिस दो मंजिला मकान में यह दर्दनाक हादसा हुआ, वहां घर के अंदरूनी कमरों में अवैध तरीके से बारूद जमा कर पटाखा बनाने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा था। दोपहर के वक्त अचानक भड़की चिंगारी के कारण वहां रखे पटाखों और बारूद में एक के बाद एक कई जोरदार विस्फोट हुए, जिससे आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। धमाकों की भयावहता को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग, सिविल डिफेंस और पुलिस प्रशासन को दी, जिसके बाद राहत दल की गाड़ियां मौके पर रवाना हुईं।

    झुलसे हुए पांच लोगों की हालत नाजुक और बर्न वार्ड में भर्ती

    जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने मलबे और आग की लपटों से तीन लोगों के शव बरामद होने और उनकी जलने से मौत होने की आधिकारिक पुष्टि की है। इसके अलावा, मलबे से निकाले गए पांच घायलों को तुरंत इलाज के लिए जयपुरिया अस्पताल और सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती तीन झुलसे हुए पीड़ितों की स्थिति बेहद नाजुक और चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि वे 50 से 70 फीसदी तक पूरी तरह झुलस चुके हैं और जीवन-मौत के बीच जूझ रहे हैं।

    मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी और रिहायशी इलाके में फैक्ट्री पर उठे सवाल

    हादसे की भयावहता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों, एडीएम और सिविल डिफेंस की विशेष टीमें घटना स्थल पर डटी हुई हैं। दमकलकर्मी आग की बची-खुची लपटों को शांत करने के साथ-साथ ढहे हुए हिस्से के मलबे को हटाकर अंदर किसी और के फंसे होने की आशंका के तहत लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं, जिससे हताहतों का आंकड़ा बढ़ने का डर बना हुआ है। प्रशासन ने इस पूरे अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसमें यह मुख्य रूप से पता लगाया जा रहा है कि इतने घने आवासीय क्षेत्र के भीतर बारूद का यह अवैध धंधा किसकी शह पर चल रहा था और इसके पास कोई वैध लाइसेंस था भी या नहीं।

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