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    मैनपाट का ‘झंडा पार्क’ बना फाइलों का खिलौना…2 साल बाद भी एक ईंट नहीं लगी, अधिकारियों ने भी टेके घुटने

    Ambikapur: छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में देश का दूसरा सबसे ऊंचा तिरंगा पार्क बनाने की योजना पर काम बजट के अभाव में शुरू नहीं हो पा रहा है. राज्य सरकार ने तिरंगा पार्क बनाने के लिए जिला प्रशासन को एक करोड रुपए जारी किया हुआ है, लेकिन यह रुपये बेहद कम है इसकी वजह से मैनपाट में तिरंगा पार्क निर्माण का काम अब अटक गया है. तिरंगा पार्क निर्माण के लिए देश की प्रतिष्ठित बजाज कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने मैनपाट में पहुंचकर निर्माण स्थल का जायजा लिया था और उसके बाद बताया था कि इसके निर्माण में करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे, इतना भारी भरकम बजट के बारे में जब जिला प्रशासन के अधिकारियों को बताया गया तो उन्होंने भी अब इस पूरे मामले से हाथ खड़ा कर लिया है, क्योंकि सरकार से इतना बड़ा बजट फिलहाल मिलने की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है.

    2 साल बाद भी शुरू नहीं हुआ मैनपाट में झंडा पार्क बनाने का काम
    मैनपाट में देश का दूसरा सबसे ऊंचा तिरंगा पार्क बनाने की पीछे की वजह थी कि इसकी वजह से मैनपाट का पर्यटन तेजी से बढ़ेगा. यहां दूर-दूर से पर्यटक पहुंचेंगे और स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा इसके साथ ही देश और दुनिया के मानचित्र में मैनपाट का अपना अलग पहचान भी बनेगा लेकिन 2 साल का वक्त बीत जाने के बावजूद अब तक पार्क निर्माण के लिए एक ईट तक नहीं रखा जा सका है.

    मैनपाट में देश का दूसरा सबसे ऊंचा झंडा पार्क निर्माण की घोषणा दो साल पहले की गई थी. तब बताया गया था कि झंडे की ऊंचाई 412 फीट होगी. भारत में सबसे ऊंचा झंडा पार्क अटारी के बाघा बार्डर में है. जिसकी ऊंचाई 418 फीट है. इसके लिए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, सरगुजा के तत्कालीन कलेक्टर विलास भोस्कर समेत जनप्रतिनिधियों ने नर्मदापुर में स्टेडियम के बगल में 20 एकड़ जमीन चिन्हांकित किया था. कलेक्टर ने प्रशासनिक अमले को उस जमीन को झंडा पार्क के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए थे.

    बजट की कमी की वहज से अटका काम
    विधायक की मांग पर जब झंडा पार्क निर्माण की घोषणा की गई तब इसका अंदाजा नहीं था कि इसके निर्माण में 300 करोड़ रुपए का बजट लग सकता है और यही वजह रहा कि इसकी घोषणा भी कर दी गई लेकिन दूसरी तरफ अब जिम्मेदारी से लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दे पा रहे हैं.

    माना जा रहा है कि एक बार फिर से झंडा पार्क का मामला सुर्खियों में आ सकता है क्योंकि फरवरी महीने में मैनपाट में मैनपाट कार्निवाल का आयोजन प्रस्तावित है ऐसे में जिम्मेदारों से झंडा पार्क निर्माण को लेकर सवाल भी पूछे जा सकते हैं तो दूसरी तरफ इसे लेकर राजनीति भी शुरू हो सकती है. हालांकि विधायक रामकुमार टोप्पो ने पहले भी कई बार कहा है कि झंडा पार्क निर्माण के लिए उनके द्वारा सतत पहल की जा रही है और उसी के तहत जमीन आरक्षित हुई है.

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