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    री-नीट 2026 से पहले जयपुर में बड़ा एक्शन, 30 से अधिक संदिग्धों पर एजेंसियों की नजर

    जयपुर। री-नीट 2026 परीक्षा के आयोजन से ठीक पहले किसी भी प्रकार की संभावित धांधली, नकल या पेपर लीक की आशंकाओं को समूल नष्ट करने के लिए केंद्रीय और राज्य स्तर की खुफिया एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने विगत पांच दिनों के भीतर जयपुर में स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ एक संयुक्त अभियान चलाकर करीब 30 संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है। गौरतलब है कि देश भर में रविवार को इस महत्वपूर्ण पुनः परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है, जिसे लेकर सुरक्षा चक्र बेहद कड़ा कर दिया गया है।

    हजारों अभ्यर्थियों के लिए केंद्रों का गठन और प्रशासनिक चौकसी

    इस परीक्षा को निष्पक्षता से संपन्न कराने के लिए जयपुर जिले में प्रशासन ने विशेष और अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिले के कुल 103 परीक्षा केंद्रों पर 37,108 परीक्षार्थी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिनमें से 84 परीक्षा केंद्र सरकारी शिक्षण संस्थानों में और 19 केंद्र निजी विद्यालयों में स्थापित किए गए हैं। संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने के लिए 24 आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) अधिकारियों को फ्लाइंग ऑफिसर और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्यों और महाराजा कॉलेज के उपाचार्य सहित 6 सिटी को-ऑर्डिनेटर भी व्यवस्था संभाल रहे हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी सर्विलांस, जैमर, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

    संदिग्धों से पूछताछ और खुफिया इनपुट के आधार पर निगरानी सूची तैयार

    सुरक्षा एजेंसियों की इस एहतियाती कार्रवाई के सिलसिले में शुक्रवार को भी जयपुर पूर्व जिला क्षेत्र से पांच संदिग्धों को बुलाकर पूछताछ की गई। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद इन सभी को छोड़ दिया गया और अब तक इस मामले में किसी की औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज नहीं हुई है। इसके बावजूद, पूछताछ के दौरान मिले महत्वपूर्ण इनपुट्स के आधार पर एजेंसियों ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में एक दर्जन से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को विशेष सर्विलांस लिस्ट (निगरानी सूची) में शामिल किया गया है। इन सभी के मोबाइल संपर्कों, दैनिक गतिविधियों और सोशल मीडिया नेटवर्क्स की चौबीसों घंटे सघन मॉनिटरिंग की जा रही है।

    नकल गिरोहों पर नकेल कसने की कवायद और लीक की खबरों का खंडन

    खुफिया और तकनीकी शाखाएं परीक्षा से ठीक पहले किसी भी संगठित नकल माफिया, सॉल्वर गैंग या अवैध गतिविधियों को पूरी तरह निष्क्रिय करने के लिए लगातार धरातल से सूचनाएं एकत्र कर रही हैं। डिजिटल फुटप्रिंट्स और तकनीकी डेटा के विश्लेषण के जरिए इस पूरे तंत्र पर नजर रखी जा रही है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी आधिकारिक सुरक्षा एजेंसी या बोर्ड ने पेपर लीक जैसी किसी घटना की पुष्टि नहीं की है। उच्चाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह पूरी कवायद केवल एहतियात के तौर पर की जा रही है, ताकि योग्य छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके और पूरी चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।

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