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    रिटायर्ड दंपती हत्याकांड में बड़ा खुलासा, विश्वासपात्र प्रॉपर्टी डीलर समेत दो भाई हिरासत में

    भोपाल: शहर के ऐशबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सुदामा नगर कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त दंपती हेमंत फिलेमोन और शकुंतला बारीक की सनसनीखेज दोहरी हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। वारदात के लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेन-देन के गहन विश्लेषण के आधार पर दो प्रॉपर्टी डीलरों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की प्राथमिक तफ्तीश में जो साजिश उजागर हुई है, वह किसी फिल्मी थ्रिलर की तरह बेहद चौंकाने वाली है, जिसमें करोड़ों रुपये की जायदाद पर नाजायज कब्जा करने के लिए इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है।

    विश्वासपात्र बनकर तैयार कराया संपत्ति का फर्जी दानपत्र

    पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले शशिकांत और श्रीकांत के रूप में की गई है। ये दोनों आरोपी काफी समय से इस बुजुर्ग दंपती के बेहद नजदीकी बने हुए थे और उनका भरोसा जीतकर उनकी अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री का पूरा जिम्मा संभाल रहे थे। कुछ समय पहले इन आरोपियों ने इटारसी में दंपती का एक भूखंड बिकवाया था, और इसी सौदे के कागजातों की आड़ में चालाकी से एक गुप्त दानपत्र (गिफ्ट डीड) भी तैयार करवा लिया था। इस गुपचुप दस्तावेज में यह शर्त जोड़ी गई थी कि दंपती की मृत्यु के पश्चात सुदामा नगर स्थित उनकी करोड़ों रुपये की बेशकीमती कोठी इन दोनों के नाम हस्तांतरित हो जाएगी।

    करोड़ों का मकान बिकता देख आरोपियों ने रची खौफनाक साजिश

    आरोपियों की योजना थी कि बुजुर्ग दंपती की स्वाभाविक मौत के बाद वे चुपचाप इस करोड़ों की जायदाद के मालिक बन बैठेंगे, लेकिन हाल ही में उनके इस मंसूबे पर पानी फिर गया। दंपती ने अचानक अपनी सुदामा नगर वाली इस मुख्य प्रॉपर्टी को बेचने का निर्णय ले लिया और इसका सौदा भी लगभग तय हो चुका था। आरोपियों को तुरंत इस बात का अहसास हो गया कि यदि यह मकान किसी अन्य खरीदार के पास चला गया, तो उनके द्वारा तैयार किए गए धोखे के दानपत्र की कोई कानूनी कीमत नहीं रह जाएगी और करोड़ों की यह संपत्ति उनके हाथ से हमेशा के लिए निकल जाएगी। इसी घबराहट और भारी लालच के वशीभूत होकर उन्होंने दंपती को रास्ते से हटाने के लिए गोली मारकर हत्या करने का खौफनाक ताना-बाना बुन डाला।

    मृतका की करीबी रिश्तेदार भी पुलिस जांच के दायरे में

    इस हत्याकांड की परतें केवल इन बाहरी प्रॉपर्टी डीलरों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके तार परिवार के भीतर भी जुड़े होने की आशंका है। पुलिस इस मामले में मृतका की बेहद करीबी रिश्तेदार शिवानी बारीक की संदिग्ध भूमिका की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है। शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि शिवानी के सिर पर विभिन्न बैंकों और निजी लेनदारों का 20 लाख रुपये से अधिक का कर्ज था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दोहरे हत्याकांड से ठीक कुछ दिन पहले शिवानी के बैंक खाते में छह लाख रुपये की बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी और वह लगातार दोनों आरोपी डीलरों के संपर्क में बनी हुई थी। पुलिस अब इन तमाम संदिग्ध वित्तीय कड़ियों को आपस में जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि इस साजिश का पूरी तरह से अनावरण किया जा सके।

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