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    मेरठ सर्पदंश हत्याकांड: 85 दिन में 703 बार फोन पर बात, मां की गवाही से आया नया मोड़

    मेरठ: मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अकबरपुर सादात गाँव में चर्चित अमित हत्याकांड मामले में मृतक की माँ मुनेश ने अदालत के समक्ष अपनी गवाही में यह खुलासा किया कि उन्होंने अपनी बहू रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। जब उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी वहाँ से भाग गया था। माँ ने इस पूरी घटना की जानकारी अपने बेटे 25 वर्षीय अमित कश्यप उर्फ मिक्की को दी थी, जिसके बाद से पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होने लगा था।

    साजिश के तहत रची गई हत्या की खौफनाक दास्तान

    इसके बाद रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अपने पति अमित को रास्ते से हमेशा के लिए हटाने की एक गहरी साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने मिलकर 12 अप्रैल 2025 की रात अमित की गला घोटकर हत्या कर दी और इस पूरी घटना को एक प्राकृतिक हादसा या सर्पदंश (सांप के काटने) से हुई मौत का रूप देने के लिए उसके बिस्तर पर एक 'घोड़ा पछाड़' सांप छोड़ दिया था। इस सनसनीखेज मामले में अपर सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर बुधवार को अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाएंगे।

    बिस्तर पर मृत मिला था अमित, शरीर पर थे सांप के डसने के निशान

    अकबरपुर सादात गाँव में 13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित उर्फ मिक्की का शव उसके ही घर में चारपाई पर संदिग्ध हालत में पड़ा मिला था। हैरान करने वाली बात यह थी कि अमित के शव के ठीक नीचे एक जिंदा सांप दबा हुआ था और उसके शरीर पर सांप के डसने के कुल 10 निशान भी बने हुए थे।

    शुरुआत में मृतक की पत्नी रविता ने यह झूठा दावा किया था कि अमित की मौत सोते समय जहरीले सांप के काटने से हुई है। हालांकि, जब पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया, तो रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि अमित की मौत सांप के डसने से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई है। इस वैज्ञानिक खुलासे से पुलिस को यह पक्का अंदेशा हो गया कि यह कोई प्राकृतिक मौत नहीं बल्कि गला दबाकर की गई एक सुनियोजित हत्या है।

    भाई की शिकायत पर खुला राज, पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचा

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मृतक अमित के भाई मोनू कश्यप ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप के खिलाफ थाने में हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। पुलिस ने जब अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो पहले दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन बाद में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

    पुलिस ने इस मामले में गहन छानबीन करते हुए 26 जून 2025 को अमरदीप और रविता के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से मोनू कश्यप (वादी व मृतक का भाई), मुनेश (मृतक की माँ), कृष्ण, सपेरे प्रीतमनाथ, उप-निरीक्षक पंकज गौतम, कांस्टेबल रामप्रवेश, डॉक्टर कपिल गर्ग (पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक), उप-निरीक्षक इंदु वर्मा (विवेचक), तथा टेलीकॉम कंपनियों के नोडल अधिकारियों सहित कई महत्वपूर्ण गवाहों ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए।

    85 दिनों के भीतर आपस में 703 बार हुई थी फोन पर बातचीत

    सहायक शासकीय अधिवक्ता फरजाना मकसूद ने अदालत को बताया कि माँ मुनेश देवी द्वारा दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद अमित ने रविता और अमरदीप के अवैध संबंधों का कड़ा विरोध शुरू कर दिया था। इसके बाद दोनों आरोपियों ने एक-दूसरे से फोन पर बातचीत काफी बढ़ा दी थी।

    टेलीकॉम कंपनियों के नोडल अधिकारियों के बयानों और अदालत में पेश की गई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से इस बात की पूरी पुष्टि हो गई है। सीडीआर के आंकड़ों के मुताबिक, रविता और अमरदीप के बीच 18 जनवरी 2025 से लेकर 13 अप्रैल 2025 तक मात्र 85 दिनों की अवधि में कुल 703 बार फोन पर लंबी बातचीत हुई थी। वहीं, दूसरी ओर बचाव पक्ष की वकील ने घटना की एफआईआर दो दिन देरी से दर्ज होने जैसे तकनीकी बिंदुओं का हवाला देते हुए आरोपियों को बचाने का प्रयास किया है।

    सांप खरीदने की रची गई थी पूरी साजिश

    जांच में यह भी सामने आया कि अमरदीप ने अमित की मौत को सर्पदंश साबित करने के लिए महमूदपुर सिखेड़ा गाँव के रहने वाले एक सपेरे निखिल से एक हजार रुपये में वह जिंदा सांप खरीदा था और पूरी योजना को बदला था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात उजागर होने पर यह नापाक साजिश बेनकाब हो गई। गिरफ्तार किए जाने के बाद आरोपी अमरदीप ने सपेरे से सांप खरीदने की बात स्वीकार की थी।

    आठ साल पहले हुई थी शादी और हत्या से पहले के घटनाक्रम

    अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप उर्फ मिक्की का विवाह आठ साल पहले मुजफ्फरनगर जनपद के सैदपुर गाँव की रहने वाली रविता के साथ हुआ था। हत्या की इस घटना से ठीक पहले, यानी 12 अप्रैल को अमित और रविता शाकंभरी देवी मंदिर में दर्शन करने के लिए गए थे। प्रेमी अमरदीप और पत्नी रविता ने पहले ही यह योजना बना ली थी कि वे उसी रात अमित को रास्ते से हटा देंगे। अमरदीप ने शाम के वक्त ही सांप का इंतजाम कर लिया था और उसे अकबरपुर सादात गाँव के बाहर एक थैले में बंद करके झाड़ियों में छिपा दिया था। जब रविता और अमित शाकंभरी देवी के दर्शन करके वापस लौट रहे थे, तब बहसूमा कस्बे के बाईपास तिराहे के पास रविता ने अमरदीप को देखा था।

    रात को घर पर बुलाया गया प्रेमी और ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

    इस बात को लेकर रास्ते में पति-पत्नी के बीच कहासुनी और झगड़ा भी हुआ था। रात के समय घर पहुँचने पर खाना खाने के बाद करीब साढ़े नौ बजे जब अमित गहरी नींद में सो गया, तब रविता ने अमरदीप को फोन करके अपने घर पर बुला लिया। रविता के बुलावे पर अमरदीप उस थैले में बंद सांप को लेकर घर के अंदर पहुँच गया।

    शुरुआत में दोनों की योजना अमित को सांप से डसवाकर मारने की थी, लेकिन उन्हें इस बात का डर सताने लगा कि कहीं सांप अंधेरे में उन दोनों को भी न डस ले। यही वजह है कि उन्होंने अपनी योजना बदलते हुए रविता द्वारा अमित के हाथ पकड़ने और मुँह दबाने तथा अमरदीप द्वारा उसका गला घोंटकर हत्या करने को अंजाम दिया। अंततः पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस खौफनाक सच्चाई पर से पूरी तरह पर्दा उठा दिया।

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