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    पंजाब में NEET छात्रों के लिए राहत, तीन दिन मुफ्त चलेंगी रोडवेज की बसें

    जलंधर: पंजाब के चिकित्सा शिक्षा (मेडिकल) के क्षेत्र में भविष्य बनाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एलान किया है कि आगामी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में बैठने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने के लिए सरकारी बसों में ₹1 भी किराया नहीं देना होगा। मुख्यमंत्री ने इस बात की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए साझा की।

    छात्रों की आर्थिक तंगी को दूर करने की अनूठी पहल

    इस ऐतिहासिक निर्णय की पृष्ठभूमि साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के सुदूर और ग्रामीण इलाकों के कई प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे इस परीक्षा में बैठते हैं। कई बार हालात इतने गंभीर होते हैं कि परीक्षा केंद्र दूर होने की वजह से इन बच्चों के पास आने-जाने का भाड़ा तक नहीं होता। हाल ही में जब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इन छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या बैठक के जरिए बातचीत की, तो विद्यार्थियों ने यात्रा खर्च का मुद्दा उठाया था, जिसे संज्ञान में लेते हुए सरकार ने तुरंत राहत देने का फैसला किया।

    तीन दिनों तक बिना पैसे करें पंजाब रोडवेज में सफर

    राज्य सरकार की इस विशेष योजना के तहत नीट परीक्षार्थियों के लिए 20 जून से लेकर 22 जून तक कुल तीन दिनों के लिए पंजाब रोडवेज की सभी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा लागू रहेगी। परीक्षा देने वाले छात्रों को सफर के दौरान बस कंडक्टर से टिकट खरीदने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होगी। उनके लिए उनका 'रोल नंबर' या 'प्रवेश पत्र' (Admit Card) ही मुफ्त पास का काम करेगा। कंडक्टर को सिर्फ एडमिट कार्ड दिखाकर छात्र सम्मानपूर्वक यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें परीक्षा में अव्वल आने का आशीर्वाद भी दिया।

    पेपर लीक के साये से बाहर निकलकर दोबारा हो रही है परीक्षा

    आपको बता दें कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) आगामी 21 जून को आयोजित होने जा रही है। इससे पहले बीते 3 मई को देश भर में यह परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक होने और धांधली के गंभीर आरोप लगने के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए 11 मई को उस परीक्षा को पूरी तरह निरस्त (कैंसिल) कर दिया था। अब कड़ी सुरक्षा और नए नियमों के बीच इस परीक्षा का दोबारा आयोजन किया जा रहा है।

    परिजनों के सिर से उतरेगा यात्रा के खर्च का बोझ

    सरकार के इस कदम से न केवल परीक्षार्थियों बल्कि उनके माता-पिता और अभिभावकों ने भी बड़ी राहत की सांस ली है। आमतौर पर परीक्षा केंद्र दूसरे जिलों या बड़े शहरों में बनाए जाते हैं, जिससे छात्रों को एक दिन पहले ही निकलना पड़ता है। ऐसे में रहने-खाने के साथ-साथ परिवहन (ट्रांसपोर्ट) का खर्च भी काफी बढ़ जाता है। सरकार द्वारा तीन दिनों तक मुफ्त बस सेवा देने से हजारों परिवारों का वित्तीय बोझ काफी कम हो जाएगा और छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के शांत मन से अपनी परीक्षा दे सकेंगे।

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