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    राजस्थान में आंधी-तूफान का अलर्ट: 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, 80 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, ओले गिरने की भी आशंका

    जयपुर | राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र ने मंगलवार की सुबह तात्कालिक चेतावनी (नाउकास्ट) जारी करते हुए राज्य के छह जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' लागू कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आगामी कुछ घंटों के भीतर अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर और डीग जिलों में तेज रफ्तार अंधड़, बादलों की गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना है।

    छह जिलों में ऑरेंज तो कई इलाकों में येलो अलर्ट, फसलों को नुकसान की आशंका

    मौसम विभाग की ओर से दी गई चेतावनी के अनुसार, ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में हवा की रफ्तार करीब 60 से 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस दौरान धूलभरी आंधी चलने और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं। तेज हवाओं के चलते पेड़ों की डालियां टूटने, बिजली के खंभों के गिरने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा, खड़ी फसलों और कच्चे मकानों को भी क्षति हो सकती है। दूसरी तरफ, जालौर, सिरोही, उदयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, फलोदी और जोधपुर जैसे क्षेत्रों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहां 30 से 40 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने और मेघगर्जन के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

    भीषण लू से मिली बड़ी राहत, पारे में दर्ज की गई भारी गिरावट

    इस नए वेदर सिस्टम (मौसम तंत्र) के सक्रिय होने से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते जहां प्रदेश के कई शहर 46 से 47 डिग्री सेल्सियस की झुलसाने वाली गर्मी और भीषण लू की चपेट में थे, वहीं अब तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है। सोमवार को फलोदी में सबसे अधिक 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया, जबकि राजधानी जयपुर सहित अजमेर, कोटा, अलवर और उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों में पारा 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट कर रह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जून के शुरुआती दिनों में आए इस बदलाव के कारण फिलहाल भीषण लू की वापसी की कोई संभावना नहीं है, हालांकि बारिश थमने के बाद कुछ इलाकों में उमस (चिपचिपी गर्मी) बढ़ सकती है।

    किसानों के लिए फायदेमंद रहेगा मौसम, सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी

    कृषि जानकारों के अनुसार, जून की इस शुरुआत में हो रही प्री-मानसून की बारिश से खेतों की मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जो आगामी खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई और तैयारियों के लिहाज से बेहद मुफीद साबित होगी। इस बीच, मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतें। आंधी-तूफान के समय भूलकर भी पेड़ों, ऊंचे बिजली के खंभों या कमजोर छज्जों के नीचे खड़े न हों। आकाशीय बिजली (वज्रपात) के खतरे को देखते हुए खुले मैदानों में जाने से बचने और घरों के भीतर बिजली के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद रखने की सख्त सलाह दी गई है।

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