More
    Homeबिजनेसनया विक्टोरिस मॉडल बना आकर्षण का केंद्र

    नया विक्टोरिस मॉडल बना आकर्षण का केंद्र

    नई दिल्ली । जापान मोबिलिटी शो 2025 में सुजुकी ने अपने कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) इनिशिएटिव का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य भारत में बायोगैस के पुनर्चक्रण के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल मोबिलिटी समाधान तैयार करना है। इस पहल के तहत कंपनी ने नया विक्टोरिस मॉडल पेश किया है। यह मॉडल आकार में बड़ा है और सीएनजी/सीबीजी पावरट्रेन के साथ आता है। इसमें गैस टैंक को फ्लोर के नीचे लगाया गया है, जिससे बूट स्पेस बढ़ जाता है।
    विक्टोरिस सीबीजी की लंबाई 4,360 मिमी, चौड़ाई 1,795 मिमी और ऊंचाई 1,655 मिमी है। सीएनजी और सीबीजी दोनों कम्प्रेस्ड मीथेन गैस हैं, लेकिन उनके स्रोत अलग हैं। जहां सीएनजी एक नॉन-रिन्यूएबल फॉसिल फ्यूल है, वहीं सीबीजी जैविक पदार्थों जैसे कृषि अवशेष, गोबर और कचरे से बनने वाली नवीकरणीय गैस है। इस कारण सीबीजी पर्यावरण के लिए अधिक टिकाऊ और कार्बन-न्यूट्रल विकल्प माना जा रहा है। विक्टोरिस में 1.5-लीटर 4-सिलेंडर के15 इंजन दिया गया है, जिसे बायोगैस के साफ दहन के लिए तकनीकी रूप से अपग्रेड किया गया है। इसके मैनुअल वर्जन का माइलेज 21.18 किमी/लीटर और ऑटोमैटिक वर्जन का 21.06 किमी/लीटर बताया गया है, जबकि ऑल-व्हील-ड्राइव वैरिएंट 19.07 किमी/लीटर देता है।
    इसके अलावा, इसमें टोयोटा से लिया गया 1.5-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड सेटअप भी उपलब्ध होगा, जो 28.56 किमी/लीटर तक का माइलेज देता है। एस-सीएनजी वर्जन 89 हॉर्सपावर जनरेट करता है और इसकी एक्स-शोरूम कीमत 10.50 लाख रुपये से शुरू होती है। मालूम हो कि भारत में कृषि और डेयरी अपशिष्ट की भरमार होने के चलते इसका बड़ा रणनीतिक महत्व है। फिलहाल देश में कोई भी यात्री वाहन सीबीजी पावरट्रेन के साथ नहीं आता, लेकिन सुजुकी इसे बदलने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा में 450 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिसमें बायोगैस प्लांट भी शामिल है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here