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    अलवर अब भी रेल सुविधाओं से वंचित, स्वर्ण जयंती राजधानी का ठहराव बना सपना

    डबल इंजन सरकार के बावजूद अलवर में रेल विकास की मांगें अधूरी, संघर्ष समिति ने उठाई आवाज

    अलवर। रेल विकास संघर्ष समिति ने अलवर जिले में रेल सुविधाओं की कमी पर चिंता जताते हुए कहा है कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार होने के बावजूद जिले के यात्रियों को अब भी कई महत्वपूर्ण रेल सुविधाओं का इंतजार है। समिति का कहना है कि वर्षों से उठाई जा रही मांगों पर अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है।

    समिति के अध्यक्ष कमलकांत खड़िया, उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, कोषाध्यक्ष गौरव खंडेलवाल एवं सदस्य गौरव शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि दिल्ली–जयपुर रेलमार्ग पर स्थित राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक एवं पर्यटन शहर अलवर में आज तक गाड़ी संख्या 12957/12958 स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस का ठहराव नहीं हो पाया है। पिछले करीब दो दशकों से इस मांग को स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि लगातार उठाते रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया।

    समिति ने यह भी बताया कि अलवर से दिल्ली के लिए नियमित लोकल अथवा मेमू ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है। जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य प्रमुख शहरों से दिनभर लोकल रेल सेवाओं का संचालन होता है। इसके अभाव में हजारों विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और दैनिक यात्री असुविधा का सामना कर रहे हैं।

    अलवर–मथुरा रेलमार्ग पर बढ़ाई जाए ट्रेनों की संख्या

    समिति के अनुसार वर्ष 1994 में निर्मित अलवर–गोवर्धन–मथुरा रेलमार्ग पर वर्तमान में केवल छह जोड़ी ट्रेनों का संचालन हो रहा है। जबकि इस मार्ग से ग्वालियर, झांसी, भोपाल, नागपुर, बेंगलुरु, हावड़ा, अयोध्या, वाराणसी, उज्जैन और कोटा जैसे प्रमुख शहरों तक नई रेल सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

    पदाधिकारियों का कहना है कि इस रेलमार्ग के विकास से राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा पांडुपोल हनुमान जी, भर्तृहरि धाम, गिरिराज जी महाराज, वृंदावन और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा।

    स्टेशन पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने की मांग

    रेल विकास संघर्ष समिति ने कहा कि अलवर रेलवे स्टेशन के मेजर रिडेवलपमेंट की घोषणा हुए छह माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कार्य की प्रगति स्पष्ट नहीं है। इसी प्रकार लंबे समय से प्रस्तावित उपनगरीय रेलवे स्टेशन और वाशिंग लाइन परियोजनाएं भी अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।

    समिति ने केंद्र सरकार, रेलवे मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों से स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस के अलवर ठहराव, अलवर–दिल्ली लोकल/मेमू सेवा, अलवर–मथुरा रेलमार्ग पर नई ट्रेनों के संचालन, स्टेशन पुनर्विकास, उपनगरीय स्टेशन तथा वाशिंग लाइन जैसी लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

    समिति का कहना है कि औद्योगिक, पर्यटन और एनसीआर क्षेत्र के महत्वपूर्ण जिले के रूप में अलवर को उसकी आवश्यकता और क्षमता के अनुरूप रेल सुविधाएं मिलनी चाहिए। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास को भी गति मिलेगी।

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