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    नकली शराब मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध और जहरीली नकली शराब के काले कारोबार के खिलाफ जिला पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को और अधिक कड़ा कर दिया है। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने नकली शराब के इस संगठित गिरोह के मुख्य व फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की धरपकड़ तेज करने के लिए उसके ऊपर ₹10,000 के नगद पुरस्कार (इनाम) की आधिकारिक घोषणा की है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति इस शातिर आरोपी के ठिकाने के बारे में सटीक जानकारी देगा या उसकी गिरफ्तारी में पुलिस की मदद करेगा, उस जागरूक नागरिक का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।

    8 जून को हुआ था अवैध शराब बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश

    उल्लेखनीय है कि इसी महीने 8 जून 2026 की रात को रायगढ़ जिला पुलिस और आबकारी विभाग (Excise Department) की एक संयुक्त विशेष टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धनागर में चल रहे एक अवैध मिनी शराब कारखाने पर अचानक छापा मारकर इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था।

    इस बड़ी छापेमारी के दौरान मौके से लगभग 240 लीटर तैयार नकली शराब, स्प्रिट से भरे बड़े ड्रम, नामी ब्रांड्स के फर्जी लेबल, हूबहू दिखने वाले नकली होलोग्राम, ढक्कन और शराब की री-पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में मशीनें व सामग्री बरामद की गई थी। इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले मुख्य सरगना दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। कड़ाई से की गई पूछताछ में पप्पू पटेल ने कबूला था कि वह अपने सगे भाई सुभाष पटेल और साथी विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को बड़े पैमाने पर चला रहा था।

    चायपत्ती के पानी से असली जैसा रंग देने का घिनौना खेल, दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार

    मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस जांच टीम ने 10 जून को दूसरे सह-आरोपी सुभाष पटेल को उसके निजी फार्म हाउस से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला और सेहत से खिलवाड़ करने वाला सच सामने आया। पूछताछ में पता चला कि इस फार्म हाउस का इस्तेमाल अवैध शराब के बड़े भंडारण (गोदाम) के रूप में किया जाता था, जहां मूल शराब में अत्यधिक मात्रा में स्प्रिट और पानी मिलाकर उसकी क्वांटिटी (मात्रा) को दोगुना-तिगुना किया जाता था।

    मिलावट के कारण जब शराब का रंग हल्का या फीका पड़ जाता था, तो आरोपी उसमें चायपत्ती को उबालकर उसका रंग मिला देते थे, जिससे वह हुबहू असली और ब्रांडेड शराब जैसी दिखने लगती थी। इसके बाद इस जानलेवा मिश्रण पर फर्जी लेबल और नकली होलोग्राम लगाकर बाजार में खपाया जाता था। पुलिस ने सुभाष की निशानदेही पर भारी मात्रा में गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाले एल्यूमिनियम के बड़े बर्तन और हजारों खाली बोतलें जब्त की थीं।

    फरार आरोपी विनय के घर पुलिस ने चस्पा किया कड़ा नोटिस

    इस पूरे रैकेट का तीसरा और मुख्य सूत्रधार विनय सिंह ठाकुर छापेमारी के बाद से ही लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है और फरार चल रहा है। बीते 17 जून को जब कोतरारोड़ पुलिस की एक विशेष टीम उसके विकास नगर स्थित आलीशान निवास पर दबिश देने पहुंची, तो वहां ताला लटका मिला। आसपास के पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि आरोपी अपने पूरे परिवार के साथ कई दिनों से गायब है। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत उसके सूने मकान के मुख्य दरवाजे पर एक आधिकारिक नोटिस चस्पा कर दिया, जिसमें आरोपी को तीन दिनों के भीतर थाने में आत्मसमर्पण करने की अंतिम चेतावनी दी गई थी।

    अब घर-जमीन की कुर्की करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू

    निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी आरोपी के सामने न आने पर अब रायगढ़ पुलिस उसकी चल-अचल संपत्तियों को जब्त (कुर्क) करने की तैयारी में जुट गई है। इस प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जिला राजस्व प्रशासन और पंजीयन विभाग (रजिस्ट्री ऑफिस) को पत्र भेजकर विनय सिंह ठाकुर के नाम पर दर्ज सभी जमीनों, मकानों और बैंक खातों का पूरा विवरण मांगा गया है। पूरी जानकारी हाथ में आते ही पुलिस कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत कर आरोपी की संपत्ति को राजसात (कुर्की) करने की कार्रवाई शुरू कर देगी।

    एसएसपी की जनता से अपील: अपराधियों को पकड़वाने में करें सहयोग

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने कड़े लहजे में कहा कि रायगढ़ जिले की शांति व्यवस्था को भंग करने वाले और लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संगठित अपराधी या अवैध कारोबारी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी नागरिक को फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की हलचल या उसके छिपने के ठिकाने के बारे में कोई भी पुख्ता इनपुट मिले, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सीधे कंट्रोल रूम को सूचित करें, सही सूचना पर तत्काल ₹10,000 का नगद इनाम दिया जाएगा।

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