अलवर शहर में दिखाई दिया आस्था और भक्ति का रंग, जगह-जगह हुई भव्य स्वर्ण रथयात्रा की अगवानी, महिलाओं ने कलश यात्रा से बढ़ाई शोभा
मिशन सच न्यूज़, अलवर।
अलवर शहर आज आस्था और भक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया। श्रीकल्पद्रुम महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के अंतर्गत आयोजित होने वाली 25 समवशरणों की प्रतिकृति के साथ आज पहला दिन भव्य स्वर्ण रथयात्रा के नाम रहा। इस अवसर पर शहरभर से जैन धर्मावलम्बियों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। सड़कों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और जगह-जगह रथयात्रा की अगवानी कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया गया।
स्वर्ण रथ रहा आकर्षण का केंद्र
इस रथयात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण रहा स्वर्ण रथ, जिसमें विराजमान श्रीजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु अपने परिवारों सहित सुबह से ही मार्गों पर एकत्रित हो गए थे। विशेषता यह रही कि स्वर्ण रथ को श्रद्धालुओं ने स्वयं अपने हाथों से खींचा। महेश जैन सीए के संयोजन में अनेक भक्तजन इस पुण्य कार्य में शामिल हुए। वहीं महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर रथयात्रा की शोभा बढ़ाई।
घोड़े, हाथी और भजनों की गूंज
रथयात्रा की शुरुआत स्थानीय मुंशी बाजार स्थित जैन मंदिर से हुई। सबसे आगे घोड़ों पर सवार श्रद्धालु हाथों में जैन ध्वज लेकर चल रहे थे। उनके पीछे तीन हाथी चल रहे थे, जिनमें मुख्य पात्र चक्रवर्ती विराजमान थे। मार्ग में आगे बढ़ते ही बैंड-बाजे और नपीरी वादकों की मधुर ध्वनियों ने माहौल को भक्तिमय कर दिया।
भजन गायक भी भक्ति गीत प्रस्तुत करते हुए चल रहे थे। उनकी स्वर लहरियों से न केवल श्रद्धालु बल्कि राहगीर भी मंत्रमुग्ध हो गए। बग्गियों पर समवशरण विधान के प्रमुख पात्रों ने उपस्थिति दर्ज कराई। श्रद्धालुजन पूरे उत्साह से नृत्य करते और जिनेन्द्र भक्ति में लीन नजर आए। पूरा शहर मानो जैन धर्म की प्रभावना से गूंज उठा।
वीर चौक पर हुआ भव्य स्वागत
जब रथयात्रा वीर चौक पहुंची तो वहां जैन व्यवसायी संघ की ओर से भव्य अगवानी की गई। इस दौरान दिगम्बर जैन संत उपाध्याय विज्ञानन्द महाराज ससंघ ने पधारकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। इस मौके पर बच्चू सिंह जैन और चातुर्मास कमेटी संयोजक पवन जैन चौधरी ने महाराज का पाद प्रक्षालन किया। कार्यक्रम में जैन समाज के विशिष्ट एवं वरिष्ठजनों का भी सम्मान हुआ।
जैन वाटिका पहुंची रथयात्रा
शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रथयात्रा का समापन जैन नसियाजी परिसर स्थित जैन वाटिका में हुआ। यहां पहले से ही विशाल पांडाल सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा से श्रीजी की आरती की और दर्शन लाभ प्राप्त किया।
विधान और महायज्ञ की होगी शुरुआत
श्रीचन्द्रप्रभ् दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद जैन और वर्षायोग कमेटी के संयोजक पवन जैन चौधरी ने बताया कि रथयात्रा के बाद अब 23 सितम्बर से 28 सितम्बर तक प्रतिदिन सुबह 6 बजे से श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजन और श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान व विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन होगा। हर शाम धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इनमें नाटिकाएं, भजन संध्याएं और कवि सम्मेलन जैसी प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें देशभर से आए कलाकार और कवि अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
श्रद्धालुओं का उमंग भरा माहौल
रथयात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। परिवारों सहित लोग जहां-जहां से रथयात्रा गुज़री, वहां फूल बरसाकर अगवानी करते दिखे। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर चल रही थीं। बच्चे भक्ति गीत गाते हुए माहौल को उल्लासमय बना रहे थे।


