उर्वरक अधिक कीमत पर बेचने और नियमों की अनदेखी पर कृषि विभाग की कार्रवाई
अलवर। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में कृषि विभाग ने जिले की दो उर्वरक विक्रेता फर्मों के उर्वरक लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। संयुक्त निदेशक कृषि पी.सी. मीना ने बताया कि नियमों की अवहेलना करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी आदान विक्रेताओं को निर्धारित दर पर ही पोश मशीन के माध्यम से उर्वरक का विक्रय करना होगा। साथ ही उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य रूप से बिक्री (टैगिंग) नहीं की जा सकती। यदि कोई विक्रेता उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त निदेशक के अनुसार, गढ़ी सवाईराम स्थित मैसर्स खंडेलवाल ट्रेडर्स का लाइसेंस यूरिया उर्वरक निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचने तथा उर्वरक के स्टॉक एवं मूल्य सूची का प्रदर्शन नहीं करने के कारण निरस्त किया गया है।
इसी प्रकार, धमरेड़ स्थित मैसर्स खंडेलवाल कृषि केंद्र का लाइसेंस किसानों को विक्रय बिल उपलब्ध नहीं कराने, निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने तथा पोश मशीन के माध्यम से वास्तविक खरीद से अधिक मात्रा का बिल तैयार करने के कारण निरस्त किया गया है।
कृषि विभाग ने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क

