दौसा। राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और देश में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूर्व चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल बनाया और लोकसभा चुनाव के टिकट दिए, इसलिए उसे यह जवाब देना चाहिए कि संवैधानिक पदों पर रहे अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक अवसर क्यों दिए गए।
पूर्व चुनाव आयुक्तों के राजनीतिक पदों पर उठाया सवाल
दौसा जिले में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुकेश दाधीच ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन के कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ने और एम.एस. गिल के कांग्रेस से जुड़कर राज्यसभा सांसद व केंद्रीय मंत्री बनने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे पर केवल राजनीति करने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
दाधीच ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों में मृत व्यक्तियों, अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके लोगों और सत्यापन न हो पाने वाले मतदाताओं के नाम शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस ऐसे अमान्य नामों को भी सूची में बनाए रखना चाहती है? इसके साथ ही उन्होंने ईवीएम और वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को घेरते हुए इन दावों के समर्थन में पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत करने की चुनौती दी।
मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जीत पर उठाया सवाल
भाजपा उपाध्यक्ष ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए सवाल किया कि यदि प्रक्रिया में गड़बड़ी थी, तो दूसरे दलों के प्रत्याशी कैसे चुनाव जीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस की जीत होना ही उनके अपने आरोपों को खारिज करता है।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान की शुरुआत
मुकेश दाधीच ने जानकारी दी कि कांग्रेस के भ्रमजाल का जवाब देने के लिए भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पदयात्राओं, संगोष्ठियों और जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से जनता तक सही तथ्य पहुंचाए जाएंगे। इस अवसर पर जिला चुनाव प्रभारी प्रणवेन्द्र शर्मा, जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभूदयाल शर्मा और मीडिया प्रभारी प्रेम हरितवाल भी उपस्थित रहे।


