सीकर: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित धांधली और पेपर लीक विवाद के बीच अवसाद में आकर झुंझुनूं के छात्र प्रदीप मेघवाल द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तीन बहनों के इकलौते भाई प्रदीप पिछले तीन साल से सीकर में रहकर नीट की तैयारी कर रहे थे। इस साल उनका पेपर बेहद अच्छा हुआ था, लेकिन परीक्षा में गड़बड़ी और रद्द होने की खबरों के बाद वे गहरे तनाव में आ गए और 15 मई को उन्होंने पिपराली रोड स्थित जलधारी नगर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस दुखद घटना के बाद एनएसयूआई (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी फोन पर बात करवाई।
राहुल गांधी ने बंधाया ढांढस, परिजनों ने की सख्त कानून बनाने की मांग
नीट परीक्षा के विरोध प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ देर रात सीकर से करीब 60 किलोमीटर दूर गुड़ा पोंख के कनिका ढाणी स्थित प्रदीप के घर पहुंचे। वहां उन्होंने राहुल गांधी से मृतक छात्र के परिजनों की करीब पौने चार मिनट तक बात करवाई। राहुल गांधी ने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि वे इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं और देश भर के छात्रों के भविष्य के लिए पेपर लीक के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे। वहीं, पीड़ित परिवार ने राहुल गांधी से मांग की कि पेपर माफियाओं पर ऐसी सख्त कार्रवाई हो और ऐसा कड़ा कानून बने जिससे दोबारा किसी युवा का भविष्य बर्बाद न हो।
NSUI ने निकाला शांति मार्च, कैंडल्स जलाकर दी श्रद्धांजलि
इससे पहले, नीट परीक्षा में कथित घोटाले, शिक्षा तंत्र में फैले भ्रष्टाचार और छात्र प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या के विरोध में एनएसयूआई ने सीकर की सड़कों पर उतरकर शांति मार्च निकाला। विनोद जाखड़ के नेतृत्व में यह मार्च महात्मा ज्योतिबा फूले सर्किल से शुरू होकर सीएलसी चौक तक पहुंचा। सीएलसी चौक पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने मोमबत्तियां जलाकर मृतक छात्र प्रदीप को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की पुरजोर मांग की।
'NTA बैन करो' और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' के लगे नारे
विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों ने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मार्च में शामिल युवा हाथों में तख्तियां लिए “NTA बैन करो”, “पेपर लीक बंद करो” और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे। छात्रों का कहना था कि बार-बार हो रहे पेपर लीक ने देश के ईमानदार और मेहनती छात्रों की उम्मीदों को तोड़कर रख दिया है।
'सिस्टम की लापरवाही से छात्र कर रहे हैं सुसाइड'
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली के भ्रष्टाचार ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। आज देश का युवा सिस्टम की लापरवाही से पीड़ित होकर आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहा है। वहीं, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा ने चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त और दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक छात्र हितों के लिए यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। इस मौके पर महेश चौधरी, उत्तम चौधरी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और भारी संख्या में छात्र मौजूद रहे।


