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    राजस्थान में 24 जिलों में बारिश का अलर्ट, जालोर-पाली-सिरोही में भारी बारिश की चेतावनी

    जयपुर। राजस्थान में रविवार को मानसून की गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी, जिससे कई इलाकों में राहत की बौछारें पड़ने के आसार हैं। मौसम केंद्र ने राज्य के 24 प्रमुख जिलों के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के जिलों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है, हालांकि तीन अगस्त के बाद से राज्य में मानसूनी तंत्र के कुछ कमजोर पड़ने के संकेत मिले हैं।

    जालोर, पाली और सिरोही में भारी बारिश की चेतावनी

    मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के बड़े भू-भाग में हल्की से मध्यम दर्ज की बारिश हो सकती है। बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुक कर बौछारें गिरेंगी। इसके विपरीत जालोर, पाली और सिरोही जिलों में कुछ स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है, जबकि कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।

    उत्तर भारत की ओर खिसकेगी मानसून ट्रफ

    मौसम वैज्ञानिकों के अध्ययन के मुताबिक आगामी 3 और 4 अगस्त के दौरान मानसून ट्रफ रेखा उत्तर दिशा की ओर स्थानांतरित हो सकती है। इस भौगोलिक बदलाव के परिणामस्वरूप राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की तीव्रता में कमी देखने को मिलेगी। हालांकि इसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में मानसूनी बारिश का दौर पुनः गति पकड़ सकता है, जिससे वहां के तापमान में गिरावट आएगी।

    बीते 24 घंटों में बांसवाड़ा में सर्वाधिक वर्षा दर्ज

    विगत 24 घंटों की अवधि में प्रदेश के कई अंचलों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में सर्वाधिक 60 मिमी और सलूंबर में 57 मिमी वर्षा मापी गई। इसके अतिरिक्त अजमेर, बारां, पाली, नागौर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद और माउंट आबू सहित दर्जनों शहरों में हल्की से मध्यम श्रेणी की बौछारें गिरीं। वहीं अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, टोंक और भीलवाड़ा में भी कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली।

    तापमान में गिरावट के बीच उमस का बढ़ा प्रभाव

    बारिश की गतिविधियों से प्रदेशभर के पारे में गिरावट दर्ज की गई है और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ गया है। इस दौरान फलोदी 39.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। यद्यपि तापमान में कमी आई है, लेकिन हवा में नमी के उच्च स्तर के कारण कई शहरों में उमस का असर बढ़ गया है, जिससे लोगों को काफी बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है।

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