बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन के दौरे पर हैं, जहाँ उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। साल 2017 के बाद ट्रंप का यह पहला चीन दौरा है, जिसे विशेषज्ञों ने अब तक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन बताया है। ट्रंप के साथ एनवीडिया (Nvidia) के सीईओ जेन्सेन हुआंग समेत अमेरिका के दिग्गज कारोबारी, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री भी बीजिंग पहुंचे हैं। ट्रंप ने शी जिनपिंग को एक 'महान नेता' बताते हुए उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के भविष्य के संबंध पहले से कहीं बेहतर और उज्ज्वल होंगे।
ताइवान मुद्दा: चीन की 'लाल रेखा' और ट्रंप की तैयारी
इस बैठक में ताइवान का मुद्दा सबसे संवेदनशील बना हुआ है। जहाँ एक तरफ ट्रंप प्रशासन ने ताइवान के लिए 11 अरब डॉलर के हथियार पैकेज को मंजूरी दी है, वहीं चीन इसे अपना अटूट हिस्सा मानता है। शी जिनपिंग ने ट्रंप को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अमेरिका इस मुद्दे को गलत तरीके से न संभाले, अन्यथा दोनों देशों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है। चीन ने साफ कर दिया है कि ताइवान, लोकतंत्र, राजनीतिक व्यवस्था और विकास का अधिकार उसकी 'चार लाल रेखाएं' हैं, जिन पर कोई भी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
व्यापारिक विवाद और ऊर्जा संकट पर मंथन
व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप इस दौरे से कुछ ठोस परिणाम निकालना चाहते हैं। अमेरिका को उम्मीद है कि चीन अमेरिकी सोयाबीन, बीफ और विमानों की खरीद बढ़ाएगा। साथ ही, दोनों देशों के बीच व्यापारिक विवादों को सुलझाने के लिए एक 'बोर्ड ऑफ ट्रेड' जैसी स्थाई व्यवस्था पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा, ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़े असर को लेकर भी ट्रंप चीन से सहयोग चाह रहे हैं। चूंकि चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, इसलिए ट्रंप चाह रहे हैं कि चीन ईरान पर दबाव बनाए ताकि ऊर्जा बाजार में स्थिरता आए।
चिप निर्माण और आर्थिक सहयोग पर जोर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में ताइवान चिप निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र है। ट्रंप अमेरिका में चिप उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ताइवान के साथ व्यापारिक सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से अमेरिका के टॉप टेक और वित्त क्षेत्रों के कारोबारी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने हैं। ट्रंप ने कहा कि वे चीन को सम्मान देने और व्यापार के नए रास्ते खोलने आए हैं।
राजकीय भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम
बीजिंग पहुंचने पर ट्रंप का जोरदार स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने किया। द्विपक्षीय बैठकों के बाद ट्रंप ऐतिहासिक 'टेंपल ऑफ हैवेन' का दौरा करेंगे, जिसे चीन में स्वर्ग और पृथ्वी के मिलन का प्रतीक माना जाता है। ट्रंप के सम्मान में गुरुवार को राजकीय भोज का आयोजन किया गया है, जबकि शुक्रवार को वर्किंग लंच और टी कार्यक्रम के साथ इस महत्वपूर्ण दौरे का समापन होगा।


