वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अलवर में नगर निगम व यूआईटी द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि, वीरांगनाओं का सम्मान और लाल डिग्गी पर श्रमदान कर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया गया।
मिशनसच न्यूज, अलवर।
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में देशभक्ति के रंग बिखरे हुए हैं। इसी क्रम में अलवर में नगर निगम और शहरी सुधार न्यास (यूआईटी) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रप्रेम, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था।
शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि और राष्ट्रभक्ति की गूंज
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान वन मंत्री संजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को नमन करते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
वन मंत्री संजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि “वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति समर्पण और त्याग की भावना का प्रतीक है। जब भी यह गीत गूंजता है, तो हर भारतीय का हृदय गर्व से भर उठता है।” उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे प्रदेश में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
वीरांगनाओं का सम्मान – त्याग और वीरता का प्रतीक
कार्यक्रम में उन वीरांगनाओं का सम्मान किया गया, जिनके परिजनों ने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। मंच से उन्हें शॉल, पुष्पमाला और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित जनसमूह ने वीरांगनाओं के प्रति गगनभेदी जयकारों से वातावरण को देशभक्ति के रंगों में रंग दिया।
लाल डिग्गी पर श्रमदान – स्वच्छता का संकल्प
शहीद स्मारक से कार्यक्रम का अगला चरण लाल डिग्गी तालाब परिसर में संपन्न हुआ। वन मंत्री संजय शर्मा और यूआईटी भूमि अधिकारी जितेंद्र नरूका ने हरी झंडी दिखाकर सफाई मशीनों और अग्निशमन वाहनों को रवाना किया। इसके बाद अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने मिलकर श्रमदान किया। लाल डिग्गी परिसर की सफाई करते हुए लोगों ने “स्वच्छ भारत – स्वस्थ भारत” का नारा बुलंद किया।
वन मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति तीनों हमारी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। हमें अपने परिवेश को स्वच्छ रखकर ही सच्चे अर्थों में वंदे मातरम का भाव जीवन में उतारना होगा।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि हर व्यक्ति अपने हिस्से का योगदान देश निर्माण में अवश्य दे।
राष्ट्रभावना और पर्यावरण जागरूकता का संगम
इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल देशभक्ति की भावना को बल मिला, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी। नगर निगम और यूआईटी के संयुक्त प्रयास से लाल डिग्गी परिसर में की गई यह पहल शहरवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के अंत में “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
संजय शर्मा, वन मंत्री – “वंदे मातरम के 150 वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का संकल्प है। हर नागरिक को स्वच्छता और सेवा की भावना से जुड़ना चाहिए।”
जितेंद्र नरूका, यूआईटी भूमि अधिकारी – “लाल डिग्गी परिसर में किया गया श्रमदान न केवल सफाई का कार्य था, बल्कि यह नागरिक सहभागिता का एक सुंदर उदाहरण है।”


